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मुखिया का बोझ[email protected]

परिवार का एक मुखिया पूरे परिवार को एक साथ कभी खुश नहीं रख पाता नहीं सबकी जरूरतों को एक साथ पूरा कर पाता है ,तो पूरे देश का एक मुखिया पूरे देश को एक साथ है कैसे खुश रख पाएगा । वह तो अपने परिवार से एक साथ कभी मिल भी नहीं पता।

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