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पीएससी परीक्षा निकालने का आसान तरीका-वीरेंद्र देवांगना

पीएससी परीक्षा निकालने का आसान तरीका::
ऽ पीएससी, मुख्य परीक्षा की तैयारी तनाव में रहकर नहीं; बल्कि तनावमुक्त रहकर एकाग्र मन से करना चाहिए। तनावमुक्तता और प्रसन्नचित्तता से विषयों, मुद्दों व प्रश्नों को याद रखने में सहूलियत होती है। यही कि परीक्षाकक्ष में आपके स्मृतिपटल में पढ़ा-लिखा हुआ याद रहेगा, तभी तो आप लिखकर आएंगे।
ऽ शांतमय वातावरण में संयम के साथ विषयों का तालमेल बिठाकर अध्ययन करना चाहिए। मुद्दों को परस्पर क्रास चेक करते हुए पढ़ना चाहिए। अर्थात एक-एक विषय का वस्तुनिष्ठ एवं लघु प्रश्नोंत्तरी की ‘ईमानदार तैयारी’ करते चलें। इससे आप उन मुद्दों के विशेषज्ञ बनते चले जाएंगे, जो आपको कामयाबी दिलाने में सहयोगी बनेंगे।
ऽ रात का भोजन हल्का-फुल्का करना चाहिए। इस दौरान जंक फूड व रात में चावल खाने से यथासंभव बचना ही श्रेयष्कर है। इसके बजाय रोटी, फल-सब्जी व जूस वह भी भूख का तीन-चैथाई खाएं-पीएं। इससे आपका मन बोझिल नहीं होगा और आप रात की पढ़ाई तरोताजा रहकर कर सकेंगे।
ऽ मोबाइल और इंटरनेट से दूरी बनाकर रखना चाहिए। गर जरूरी हो, तो मोबाइल व इंटरनेट का उपयोग सिर्फ पीएससी की तैयारी के लिए ही करें। बाकी कार्याें में इसके उपयोग से बचे रहना ही उत्तम है।
ऽ अध्ययन लगातार न कर हर घंटे के बाद 10-15 मिनट का ब्रेक लेना चाहिए और आंख मूंदकर पढ़े हुए का रिवीजन करना चाहिए। इससे जहां आपको अपनी स्मरणशक्ति का वास्तविक ज्ञान होगा, वहीं कुछ देर आराम के बाद आप फिर से तरोताजा हो सकेंगे।
ऽ देररात तक पढ़ाई न कर सुबह की पढ़ाई को ज्यादा से ज्यादा तवज्जो देना भी कामयाबी दिलाने में अहम भूमिका निभाता है।
ऽ अंत में यही कि लिख-लिखकर याद करने में पीएससी मुख्य परीक्षा में सफलता का सार तत्व छुपा हुआ है। साथ ही किसी साथी से, बड़ों से, जानकारों से, अभिभावकों से किसी टापिक पर चर्चा करने में कोताही नहीं बरतनी चाहिए। इससे चेप्टर अधिक समय तक याद रखने में सुविधा होती है।
ऽ मुख्य परीक्षा चूंकि लिखित होती है, इसीलिए परीक्षा में कलम बेरोकटोक सही दिशा में चलते रहना चाहिए, तो आपको कामयाबी दिलाने से कोई नहीं रोक सकता।
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Virender Dewangana

Virender Dewangana

मैं शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त हूँ। लेखन में रुचि के कारण मै सेवानिवृत्ति के उपरांत लेखकीय-कर्म में संलग्न हूँ। मेरी दर्जन भर से अधिक किताबें अमेजन किंडल मेंं प्रकाशित हो चुकी है। इसके अलावा समाचार पत्र-पत्रिकाओं में मेरी रचनाएं निरंतर प्रकाशित होती रहती है। मेरी अनेक किताबें अन्य प्रकाशन संस्थाओं में प्रकाशनार्थ विचाराधीन है। इनके अतिरिक्त मैं प्रतियोगिता परीक्षा-संबंधी लेखन भी करता हूँ।

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