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मंजिलें -पूनम मिश्रा

अनजान न थे मंजिलों से हम बस तूफानों का सामना करते थे हम
एक तरफ मेरी उम्मीदें थी तो एक तरफ मेरा अभिमान था
मंजिलें और सपनों के बीच जंग तो जायज है

क्योंकि एक तरफ मेरे अपने थे एक तरफ मेरा प्यार था

पूनम मिश्रा

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Poonam Mishra

Poonam Mishra

Main Poonam Mishra उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर से हूं मैंने इतिहास से m.a. एवं b.Ed किया है एवं मुझे ड्राइंग में भी रूचि है मुंबई आर्ट का कोर्स किया है इसके अलावा मुझे कविता कहानी गजल शायरी पढ़ने एवं लिखने का शौक है मैं खुद का कोचिंग इंस्टिट्यूट चलाती हूं किड्स कोचिंग के नाम से मैं बच्चों को पढ़ाती हूं

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