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** सुप्रभात **-चिंता-नेताम

जीवन है एक वीणा,
सुख- दुख इसके तार,
इन दोनों के भंवर जाल में,
उलझा सारा संसार ।
इसलिए,
अपनी और दूसरों की बजाते रहो,
दूसरों को हंसाओ, खुद मुस्कुराते रहो ।
आज का दिन सबका मंगलमय हो,
हमारी भी जय हो और तुम्हारी भी जय हो….!

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Chinta-Netam

Chinta-Netam

मेरा जन्म 16 अक्टूबर सन 1975 में छत्तीसगढ़ राज्य के दुर्ग जिले में स्थित बुंदेली नामक ग्राम में संघर्षरत परिवार में हुआ था। मेरी शिक्षा दीक्षा राजनांदगांव जिले में स्थित एक छोटे से कस्बेडोंगरगांव में हुई। 1992_93 में12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद मेरा चयन d.ed प्रशिक्षण के लिए हो गया। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद मैंने डोंगरगांव शासकीय महाविद्यालय से बीए की परीक्षा सन 2000 मेंउत्तीर्ण की। वर्तमान में मैं शिक्षा विभाग में कार्यरत हूं।

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