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एक दिन ऐसा आएगा… Poem By Pranay Kumar

एक दिन ऐसा आएगा…
न कोई किसी के हँसी पर पावंदी लगाएगा
न कोई किसी के ख़ुशी पर पावंदी लगाएगा
जिंदगी होगी अपनी,
सलीका होगा अपना,
सोच होगी अपनी,
रास्ता होगा अपना,
एक दिन ऐसा आएगा…

निकलेंगे सभी अपने काम पर,
पहुंचेंगे किसी न किसी मुकाम पर,
न लेंगे किसी का सहारा,
न मानेंगे कभी खुद को हारा,
ख़ुशी होगी अपनी,
दुःख भी होगा अपना,
एक दिन ऐसा आएगा…

न कोई दूसरों के काम में टांग अराएगा
न कोई किसी को बहकएगा
न जरूरत पड़ेगी किसी वकील की
न जरूरत पड़ेगी किसी दलील की,
एक दिन ऐसा आएगा…

लेखक – प्रणय कुमार
Pranay kumar

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