Notification

मिसाल

बेशुमार जख्मों की मिसाल हूं मै
💔
फिर भी हंस लेती हूं कमाल हूं मै
💔
दर्द देने में कमी ना की जमाने ने
💔
फिर भी टूटी नहीं , चट्टान हूं मै
💔
वो काट ते रहे मुझे कतरा कतरा
💔
हर जख्म फिर भी सिलती रही
💔
ऐसी बेमिसाल हूं मै
💔
बेशुमार जख्मों की मिसाल हूं मै
💔
फिर भी हंस लेती हूं कमाल हूं मै
💔

Leave a Comment

Connect with



Join Us on WhatsApp