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वस्त्र हरण होगा तुम्हारा-संजय कुशकर

वस्त्र हरण होगा तुम्हारा
किस्मत खुद ही लिख ले

ना आयेंगे श्री कृष्ण बचाने
ये कलयुग है देख ले

तू ही काली तू ही दुर्गा।
जरा खुद के अंदर झ्याक ले

टूटने दो चूड़ियां हाथों की
तू तलवार चलाना सीख ले

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