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आज अभी है-सुप्रिया-कुमारी

ख्वाब देखो जमीन से उठो मंजिल तुम्हारे सामने हैं।
मुड़ के मत देख समय को आज का दिन तेरे साथ है।
आजकल आजकल बोलकर मत खेल समय के साथ,
भूल जाएगा मंजिल का राह कौन सा था तेरे पास,
ट्राइल का यह त्यौहार है।
डिप्रेशन में ना तु जा,
मंजिल तुझे अपनानी है तो,
ट्राइल से मुकाबला लडा़|
सोच मत ज्यादा करके अब दिखा,
ऊंची तेरी मंजिल है,
ऊंचा बन के दिखा |

❤️❤️

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