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आज का हिन्दूस्तान

15th अगस्त 2017💪 🇨🇮 भारत।
आज 70 साल हो गए हैं आजादी को लेकिन आजादी का मतलब कुछ और लगाएं बैठे हैं हम।
हत्या, बलात्कार, डकैती और भ्रष्टाचार में इंसानियत भुलाएं बैठे हैं हम।
आजादी यें नहीं है।
आजादी – संविधान की मर्यादा में स्वयं के निर्णय से अपने कर्मों और कर्तव्यों का निर्वहन करना आजादी है।

#फरियाद🙏
ना धर्म बंटै, ना जात बंटै और ना बंटै देश की सरकार।
ऐसी सभ्यता ला दै मेरे मालिक, जीवन सबका हो मिलनसार।
पहली रचना मेरी कलम से

Hindustan Hamaraशुभम् लांबा

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Subham Lambha

Subham Lambha

मैं शुभम लाम्बा गुरुग्राम हरियाणा का निवासी हूँ। मैं वीर रस और श्रृंगार रस का कवि हूँ। मैं B. Tech Mechanical इंजिनीअर हूँ। और वर्तमान मे JSW Steel Ltd. Karnataka मे कार्य कर रहा हूँ।

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