Notification

अपने लेख प्रकाशित करने के लिए यहाँ क्लिक करें!

अाज सच मिल गया – पूजा चौहान

आज सच मिल गया
कहीं खो ना जाए
जागी है चेतना
वक्त की आंधी से कहीं सो ना जाए |

रास्तों पर फूल है आज
कांटों भरा दौर फिर से चला ना आए

सच्चाई उफान पर है आज
कोई तूफान इसे उड़ा न ले जाए

इतना सबर हो मुझ पर
कि कोई झूठ बहा ना ले जाए

निगाहों में धूल है भरी
मेरी नजरों में समा ना जाए

जलती मशाले हैं हर कहीं
इसकी लपटे मुझे जला ना जाए

कदमो ने सही राहे हैं पकडी
पैर कहीं लड़खड़ा ना जाए

आज सच मिल गया
कहीं खो ना जाए
जागी है चेतना
वक्त की आंधी से कहीं सो ना जाए

उम्मीदों का दामन थामा है
किसी आहट के डर से ,छूट न जाए

ख्वाबों का ताज पहना है
किसी लम्हे की डोर से ,टूट ना जाए

खामोश सा अफसाना पानी पर लिख डाला है
एक सैलाब से ,दूर ना हो जाए

एहसासों को पनपने से रोक डाला है
कहीं कोई आंसू भीगा ना जाए

इस पल खुशी को लबों पर सजा डाला है
अगले पल कहीं छूट न जाए

सच को साक्षी बनाकर, आंखों में कैद कर डाला है
कहीं झूठ के वार से रूठ न जाए।।

Pooja Chauhanपूजा चौहान
हमदर्द नगर, नई दिल्ली

180 views

Share on

Share on whatsapp
WhatsApp
Share on facebook
Facebook
Share on twitter
Twitter
Share on linkedin
LinkedIn
Share on email
Email
Share on print
Print
Share on skype
Skype
Pooja Chauhan

Pooja Chauhan

मैं पूजा चौहान नई दिल्ली की निवासी हूँ। मैं श्रृंगार रस की कवित्री हूँ।

2 thoughts on “अाज सच मिल गया – पूजा चौहान”

  1. 70093 198046Wholesale Inexpensive Handbags Will you be ok merely repost this on my site? Ive to allow credit exactly where it can be due. Have got a great day! 557413

  2. 103054 946274light bulbs are excellent for lighting the home but stay away from incandescent lamps because they produce so much heat;; 282361

Leave a Reply

ग़ज़ल – ए – गुमनाम-डॉ.सचितानंद-चौधरी

ग़ज़ल-21 मेरी ग़ज़लों की साज़ हो , नाज़ हो तुम मेरी साँस हो तुम , मेरी आवाज़ हो तुम मेरे वक़्त के आइने में ज़रा

Read More »

बड़ो का आशीर्वाद बना रहे-मानस-शर्मा

मैंने अपने बड़े लोगो का सम्मान करते हुए, हमेशा आशीर्वाद के लिए अपना सिर झुकाया है। इस लिए मुझे लोगो की शक्ल तो धुँधली ही

Read More »

Join Us on WhatsApp