Notification

अपने लेख प्रकाशित करने के लिए यहाँ क्लिक करें!

आखिर कौन[email protected]

आंखे बेकरार है
सांसों को इंतजार है
धड़कनों को एतवार है
होठों पर इजहार है
आखिर किसका इंतजार है ….
राहे चमक रहे हैं
फुले महक रही है
लताएं बुला रही है
घर भरे गुनगुना रहा है
आखिर कौन आ रहा है ……

Leave a Reply

Join Us on WhatsApp