आरज़ू – शुभम् लांबा

आरज़ू – शुभम् लांबा

सच कहूं तो,
तेरे जिस्म पर लिबाज़ अच्छा लगता है,
पर तेरी रूह पर नहीं,
तेरे हुस्न पर पर्दा अच्छा लगता है,
पर तेरे दिल पर नहीं।
तेरे लबों पर सिर्फ मेरा नाम अच्छा लगता है,
पर किसी और का नहीं।
तेरे इश्क का इजहार अच्छा लगता है,
पर तेरी जुदाई का ख्याल नहीं।
तेरे लफ्जों का सुर अच्छा लगता है,
पर तेरी कसमों का हिसाब नहीं।
सच कहूं तो, तेरा प्यार अच्छा लगता है,
पर तेरी तकरार नहीं।
….$❤️….✍️

Subham Lambaशुभम् लांबा

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