Notification

अपने लेख प्रकाशित करने के लिए यहाँ क्लिक करें!

ऐ खुदा – अशोक सिंह

कैसे लोग हैं इस जमाने में
किसी की जिन्दगी बीत जाती है
सबको हसाने में
और किसी को खुशी मिलती है
सबको रुलाने में ।।
कोई दूसरों के लिये
जान लगा देता
कोई लालच में आकर
अपनो का ही गला
उतार देता ।।
कोई दो वक्त की रोटी का मोहताज है
कोई पैसों को उड़ाता बेअन्दाज है ।।
ये कैसा जिन्दगी का दस्तूर है
जिसके पास सब कुछ है
वो भी दिखता मजबूर है ।।

Ashok Singhअशोक सिंह
आजमगढ़

Share on

Share on whatsapp
WhatsApp
Share on facebook
Facebook
Share on twitter
Twitter
Share on linkedin
LinkedIn
Share on email
Email
Share on print
Print
Share on skype
Skype
Ashok Singh

Ashok Singh

मैं अशोक सिंह गोरखपुर उत्तरप्रदेश का निवासी हूँ। मैं श्रृंगार रस का कवि हूँ।

1 thought on “ऐ खुदा – अशोक सिंह”

  1. 604110 363543An fascinating discussion could be worth comment. I believe you should write on this topic, it may definitely be a taboo subject but normally individuals are not enough to dicuss on such topics. To a higher. Cheers 551381

Leave a Reply

😭 कोरोनावायरस पर देश की अर्थव्यवस्था पर प्रभाव😭

कोरोनावायरस वैश्विक खतरा है—– परेशानी हमेशा एक मौका लेकर आती है अगर हम तुम परेशानी परेशानी चिल्ला आएंगे तो कभी अपने कंफर्ट जोन से बाहर

Read More »