अजनबी बन के गुदगुदाया ना करो – आनंद मिलन

अजनबी बन के गुदगुदाया ना करो – आनंद मिलन

अजनबी बन के गुदगुदाया ना करो,
सामने आ के पहचान छुपाया ना करो…..।

साहित्य लाइव रंगमंच 2018 :: राष्ट्रीय स्तर पर हिंदी प्रतियोगिता • पहला पुरस्कार: 5100 रुपए राशि • दूसरा पुरस्कार: 2100 रुपए राशि • तीसरा पुरस्कार: 1100 रुपए राशि & अगले सात प्रतिभागियों को 501/- रुपये प्रति व्यक्ति

अंदाजे बया सब वही सलीका भी वही,
ऐसा लगता है पहले भी मिल चुके कभी।
आदत तुम्हारा जुबा खामोशी का गया नहीं
हर बात दिल में रख छुपाया ना करो…..।

तेरे जुबा से सुनने को तरसती रह गई,
मैं देखते देखते गैरो की होकर रह गई।
जाने कियो तुझे ओ बात कहने आया नहीं
मुझे हँसा अपनी आँसू छुपाया ना करो…..।

चलो फिर से जीवन की शुरुआत करे,
“मिलन” नसीब में नहीं दोस्ती ही करे।
हमारा दोस्ती भी खुदा को रास आया नहीं
हम दूर रहे फिर भी भुलाय ना करो……।

Anand Milan आनंद मिलन
सिंहवाडा, दरभंगा (बिहार)

अजनबी बन के गुदगुदाया ना करो – आनंद मिलन
5 (100%) 2 votes

साहित्य लाइव रंगमंच 2018 :: राष्ट्रीय स्तर पर हिंदी प्रतियोगिता • पहला पुरस्कार: 5100 रुपए राशि • दूसरा पुरस्कार: 2100 रुपए राशि • तीसरा पुरस्कार: 1100 रुपए राशि & अगले सात प्रतिभागियों को 501/- रुपये प्रति व्यक्ति

Leave a Reply

Create Account



Log In Your Account