अलबादी छौरे ने लिखी कविता

अलबादी छौरे ने लिखी कविता

सरकारी स्कुल के सीसे फोडे
इथाई की छोडी ना ईंट
जोड कुएँ नाम के रहगे
चोरी त पडोसियाँ की छोडी ना ईँख
जाण बुजके न नहर तोडदी

सारा गाम के खेत दिए सीँच
घरा मेँ पाणी चडग्या
फेर पाटगी फिँच
मजे-मजे म सारा देश लिया लुट
कोण माहरा के बिगाडगा- 2
अह्म हैँ इस देश के नीच

खुब लिए पंगें, उजाड दिया देश
सोने की चिडिया के हम्न पाड दिए पाँख
किले गिरवी प धरके न
लोगा न रिश्वत देके न
हम तो करगए M.B.A
नौकरी कान्या चालण लागे
घरके गुदडे बिकण न होगे
फेर माहर समझ म आई
कदे पड लेँदे तो

खुब पढागेँ-लिखागेँ, अर देश का नाम
चाँद-सितारे की तरया चमकावांगे
भ्रष्टाचार, लुट-डकैत आपे खत्म होज्यगे
जद आपाएँ इनत दुर रवाँगे

अर अंत म आशीष घोडेला नूए क्हवगा
कदे रश्वत ना लेवागेँ अर नर देवांगे
फेर आपण देश सोने की चिडिया ना
सोने का मोर क्हलावगा॥
आशीष घोडेला।

Ashish Ghorela

उभरते हुए रचनाकारों और लेखकों को एक समृद्ध मंच प्रदान करने के लिए मैंने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर 26 जनवरी 2017 को साहित्य लाइव की शुरवात की। जिससे उभरते हुए रचनाकारों का सम्पूर्ण विकास हो सके तथा हिंदी भाषा का प्रचार और विकास में वृद्धि हो सके। वैसे मैं हिसार (हरियाणा) का निवासी हूँ और दिशा-लाइव ग्रुप का संस्थापक हूँ।

Visit My Website
View All Articles

I agree to Privacy Policy of Sahity Live & Request to add my profile on Sahity Live.

0

Leave a Reply

Create Account



Log In Your Account