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बाल हत्या -सोनमणि देबनाथ

मैं तेरे कोख में हूं मां। मुझे इस दुनिया में तुला। गलती मेरी क्या थी ऐसा मैंने क्या किया। जो दीपक जलने से पहले तूने उसे बुझा दिया। बच्चों को तो मां ने हमेशा खुद से ज्यादा प्यार दिया। फिर मुझको क्यों इतनी बेरहमी से मां तूने मार दिया। यू तो मां बच्चों की आवाज बिन कहे समझ जाती है। मैं इतना चीकू मां फिर तू क्यों सुनूं तक नहीं पाती है। यूं तो मां तुझे भगवान का रूप कहा जाता है। यह जानकर भी यह पाप तु कैसे कर पाता है। बच्चे अगर गलती करी तो बड़ी सजा देते हैं। और जब बड़े ही ऐसे पाप करे तो मासूम बच्चा कुछ केह तक नहीं पाते है। मां मैं आया हूं यह दुनिया देखने जीना है मुझे भी। मां मैं तुझसे इतना कहु तु जीने दे मुझे आज अभी। तूने मुझे मार दिया तो शायद में आना पाओ फिर कभी। मैं भी तेरा बच्चा हूं मां मुझे भी तो इस दुनिया में ला। तुझ पर तो है भगवान का खास वरदान। दे सकता है मां तू एक नया जीवनदान।

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sonamoni-Debnath

sonamoni-Debnath

Writer .Sonamoni Debnath. Born in 1999 I'm always trying to prove myself

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