भगवान और इंसान-राकेश कुमार मस्ताना

भगवान और इंसान-राकेश कुमार मस्ताना

सिर्फ पूजा हवन से भगवान नहीं मिला करते
भगवान की प्राप्ती के लिए
मन में दयाभाव व
इंसानों के प्रति
करुणा विनम्रता भी होनी चाहिए!!

एक मिट्टी की मूर्तियां बनाने वाला (कुम्हार) ईश्वर से कहता है.
​हे प्रभु तू भी एक कलाकार है और मैं भी एक कलाकारहूँ,_
भगवान क्यों
​इंसानतूने मुझ जैसे असंख्य पुतले बनाकर इस धरती पर भेजे हैं,
​और मैंने तेरे असंख्य पुतले बना कर इस घरती पर बेचे हैं।
फिर
​पर ईश्वर उस समय बड़ी शर्म आती है, जब तेरे बनाये हुए पुतले आपस में लड़ते हैं
,​
​और मेरे बनाये हुए पुतलों के सामने लोग शीश झुकाते हैं”_..​

 

Rakesh Kumar Mastana    

राकेश कुमार मस्ताना

 डोडा ,जम्मू कश्मीर 

 

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