बार बार करता है – नेहा श्रीवास्तव

बार बार करता है – नेहा श्रीवास्तव

प्रेम करता था अब इंकार करता है ,
बड़े अन्दाज से वह शख्स मुझे नजरअन्दाज करता है.
हर कोई जानता था उसको मेरे नाम से ,
अब मुझको ही पहचानने से इंकार करता है.
यही भूल वह बार बार करता है.
जिन राहों मे मिलने के वादे किये थे उसने,
उन्ही राहों मे अब वह किसी और का इन्तजार करता है .
यही भूल वह बार बार करता है.

Neha srivastavaनेहा श्रीवास्तव
उत्तर प्रदेश (बलिया)

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