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भारतीय सैनिक कोबरा वाहिनी

कविता :- 3(15) हिन्दी
-: भारतीय सैनिक कोबरा वाहिनी 207 दो सौ सात । :-

भारतीय सैनिक फौज मुख्यालय बंगाल की कोबरा दो सौ सात , 207
समझ में कुछ नहीं आता , किससे करूं तुलना आपके साथ ।

कमल से करूं क्या ?
न ना वह तो सिर्फ सूर्य की रोशन किरण में ही खिली रहती है ।
आप तो सदैव नदी की तरह गतिमान है ,

क्या मैं आपकी तुलना धुप से कर सकता हूं ,
अगल कर सकता हूं तो आप धूप नहीं बल्कि एक पेड़ है ,

जहां समस्त जीव – जन्तु आपके पास रहते है ,
धूप- वारिश स्वंय सहकर आप उनकी निगरानी में रहते हैं ।

हे भारतीय सैनिक आपकी आत्मा नदी की तरह बड़ा है ,
और आप पर्वत हिमालय की तरह खड़ा है ।

ना आपकी तुलना किसी से नहीं हो सकते है ,
स्वंय को वीरगति पाकर आप भारत माता के संतान को सुरक्षित रखते हैं ।।

® ***** रोशन कुमार झा 🇮🇳
सुरेन्द्रनाथ इवनिंग कॉलेज कोलकाता भारत
बी.ए प्रथम वर्ष हिन्दी आनर्स Sec:-H4 Roll no:-26
मो :- 6290640716 , मधुबनी बिहार
28-12-2017 गुरुवार , यह मेरा पहला कविता है, जो मैक लेकर बोले Narasinha Dutt College St John Ambulance से सालबनी हाई स्कूल में कैम्प शिविर रहा
तीसरा डायरी ममता दीदी वाला ।
27-12-2018 है :-9(056) Intex से
3(015) है :-9(056) (Ncc 19 Bn :-9(19)
कविता :-16(39) बलसैत 22-05-2020 शुक्रवार
Redmi कोरोना 22-05-2015 बुधवार 369 Result :-10

कविता :- 7(09) हिन्दी

🇮🇳🇮🇳🇮🇳 देश के रक्षक तीन भाई ‌ । :- 🇮🇳🇮🇳🇮🇳

हिन्दुस्तान की सोन्दर्यता की प्रतीक जल,थल, वायुसेना
तीनों भाई है ,
अपनों के लिए चंदन दुश्मनों के लिए कसाई हैं ।

जय श्री राम, जय हिन्द इनके नारा है ,
सुरक्षा के प्रति इनके पास अणु परमाणु बम प्वाइंट टु टु
.22 रायफल, 7.62 एल.एम. जी , एस. एल. आर ,
ब्रहामोज और भी शस्त्र व भाला है ।

सुबह में पीटी फिर करने को ड्रिल (Drill ) है ,
तीनों भाइयों को दुश्मनों के सामने वीरता दिखाने के लिए
सर्वोच्चम पुरस्कार चक्र परमवीर है ।

हर एक का मार्ग रोशन, देश की मान सम्मान इनके हाथों में है ,
क्या कहूं दम तो इनके वर्ड आफ कमांड और
हर एक बातों में है ।

देश सेवा के लिए तैरकर, उड़कर, दौड़कर चलते है ,
मारने या वीरगति पाने की भावना रखकर , दुश्मनों से
सीना तानकर लड़ते हैं ।

पहनने के लिए जूता , डी. एम. एस , तीनों भाई के
अलग-अलग वर्दी है ,
रहने के बाद भी कहां इनके लिए होली ,ईद, दिवाली,
गर्मी या सर्दी है ।

मंगल हो या शनि हर दिन दाढ़ी बनाते यानि सेविंग करते हैं,
कब घर – परिवार, समाज से दूर हो जायेंगे , क्योंकि हर
दिन युद्ध के मैदान में चलते है ।।

✍️ रोशन कुमार झा 🇮🇳
सुरेन्द्रनाथ इवनिंग कॉलेज कोलकाता भारत
मो :-6290640716
06-07-2018 शुक्रवार 00:05 , Ncc
31 st Bengal Bn Ncc Fort William Kolkata-B
Coy no :-5 (Reg no :- WB17SDA112047 )
22-05-2020 शुक्रवार कोरोना कविता :-16(39) ,3(15)
कोबरा वाहिनी Roshan Kumar Jha 11 जुलाई नेहा जन्मदिन कविता :-7(009)

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