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बस वही यादें – सचिन ओम गुप्ता

यादें एक सरल शब्द है,
केवल जहन की बातें या तकलीफें हैं यादें,
कुछ बातें, कुछ मुलाकातें और फिर यादें |
मिलना और मिल के बिछड़ना ,
तस्वीरें देख के आँसू का फिसलना
और रह जानी हैं तो बस क्या, यादें
बस वही यादें…!!!
बस वही यादें …!!!

Sachin Om Guptaसचिन ओम गुप्ता,
चित्रकूट धाम

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Sachin Om Gupta

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मैं सचिन ओम गुप्ता चित्रकूट धाम उत्तर प्रदेश का निवासी हूँ। मैं श्रृंगार रस का कवि हूँ।

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