डर – सोनी कुमारी

डर – सोनी कुमारी

उन्हें देख के क्यूं झुक जाती है नजर,
कभी उनके पास पहुँच पायेगी मेरे प्यार की खबर,
हाेड़ लगी है उसे पाने की
क्या कभी होगा उसे मेरे खो जाने का डर,
जो एहसास होता है उसके पास हाेकर
क्या वो भी इतने खुश होंगे मुझे पाकर!!

Sony Kumariसोनी कुमारी
पूर्णिया (बिहार)

Ravi Kumar

मैं रवि कुमार गुरुग्राम हरियाणा का निवासी हूँ | मैं श्रंगार रस का कवि हूँ | मैं साहित्य लाइव में संपादक के रूप में कार्य कर रहा हूँ |

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