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दर्द भरा सपना!-संजय बाड़गे

किसको बताउ अपना दर्द,
जब रहा न कोई हमदर्द|
जिसको बनाया था अपना,
बन गया अब सिर्फ सपना|

कभी सोचा भी न था,
ऐसा कोई दिन आएगा|
इतने दिन कि खुशी को,
एक पल मे ले जायेगा|

आपको क्या पता,
मेरा क्या हाल है|
एक पल भी मुझे,
लगता एक साल है|

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Sanjay-Badage

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