दस्तक

दस्तक

   दस्तक

कुछ खास नहीं बदले हम ,
आपके जाने के बाद भी
बस फर्क इतना सा है ,
कभी – कभी तेरी याद
दस्तक दे जाती है
जालिम बिलकुल
तेरी तरहा |

  •  मनमोहन गुर्जर

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