देश में किसानों की हालत – मुनमुन सिंह

देश में किसानों की हालत – मुनमुन सिंह

हुयी है देश में किसानों की ऐसी हालत
पास में ज़मीन है।
लेकिन भुखा रहना पड़ता है।
गाँव में पानी नहीं है
सुख गयी है पुरी धरा।
हुयी है देश में किसानों की ऐसी हालत
घर में है चार बेटे
लेकिन पास में एक अन्न नही।
रहने के लिए है एक बंगला
लेकिन अगली खेती के लिए पास में नहीं है पैसा।
हुयी है देश में किसानों की ऐसी हालत
सरकार भी नहीं करती उनकी पुरी मांग।
लेकिन बेचारे रह जाते हैं साहूकार के सहारे।
बादलों से करते हैं पानी की दुआ
लेकिन सब रह जाते हैं सुखी नदी के सहारे।
हुयी है देश में किसानों की ऐसी हालत

—मुनमुन सिंह

Ravi Kumar

मैं रवि कुमार गुरुग्राम हरियाणा का निवासी हूँ | मैं श्रंगार रस का कवि हूँ | मैं साहित्य लाइव में संपादक के रूप में कार्य कर रहा हूँ |

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  • Munmun Sinha, thanks for the article post.Really thank you! Great.buy viagra

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