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दिल का हाल बेहाल – चेतन वर्मा

मत पूछ मेरे दिल का हाल
बेहाल है जब से
नजर से नजर मिली तब से

रहूंगा सीने में धड़कन बनकर
होठों की मुस्कान और यादों का कोहरा बनकर
चांद की चांदनी और पूनम की रात बनकर
ओस की बूंद और आंखों की नमी बन कर

मत पूछ मेरे दिल का हाल
बेहाल है जब से
नजर से नजर मिली तब से

रहूंगा जिंदगी में सदा बहार बनकर
चेहरे की चमक को जीभ की मिठास बनकर
हाथों की लकीरें और जुल्फों का आभास बनकर
मन की शांति और भविष्य की मिसाल बनकर

मत पूछ मेरे दिल का हाल
बेहाल हे तब से
नजर से नजर मिली जब से

chetan vermaचेतन वर्मा
बूंदी (राजस्थान)

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Chetan Verma

Chetan Verma

मैं चेतन वर्मा बूंदी राजस्थान का निवासी हूँ। मैं श्रृंगार रस का कवि हूँ।

3 thoughts on “दिल का हाल बेहाल – चेतन वर्मा”

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