एक ख्वाइश – शुभम लाम्बा

एक ख्वाइश – शुभम लाम्बा

घुटन सी होने लगी है, इश्क़ जताते-जताते,
मैं खुद से रूठ गया हूँ, तुम्हे मनाते-मनाते!
समझ सकते हो तो समझिए,
मेरे इश्क का और इन्तहा मत लिजिए।🙏

Subham Lambaशुभम लाम्बा

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