गर्व तो टूटता ही है-हेमा पांडे

गर्व तो टूटता ही है-हेमा पांडे

इंद्र जब बलि के सामने भूमि हेतु प्रार्थना कर रहे थे तो भगवान विष्णु एक बावने स्वरुप में आए . उन्हें देखकर राजा बलि को बहुत हंसी आई और इंद्र के सामने हंसते हुए कहा कि मैं तुम्हें उतनी ही भूमि दे सकता है जितनी भूमि यह वामन ब्राम्हण अपने तीन कदमों से नाप सकता है. वामन कोई साधारण व्यक्ति नहीं अपितु विष्णु के अवतार थे जैसे उन्होंने यह वचन सुने तो उन्होंने कहा कि मैं 3 कदम भर भरूंगा लेकिन इतनी भूमि तुम्हें अवश्य देनी पड़ेगी. बलि ने गर्व से कहा कि आप तीन कदम नापीए तो सही इस पर भगवान विष्णु ने वामन स्वरूप छोड़कर अपना रूप अति विशाल कर दिया और पहले दो कदम में ही बलि का पूरा साम्राज्य नाप लिया वामन रूप भगवान विष्णु ने कहा कि अब मैं तीसरा कदम कहां रखूं बलिदेखकर आश्चर्यचकित रह गया लेकिन वह अपने वचन का पक्का था और उसने भगवान के चरणों में नमन करते हुए कहा कि तीसरा पर आप मेरे मस्तक पर रखिए भगवान यह देखकर अत्यंत प्रसन्न हुए और यह वरदान दिया कि तुम सदा मेरे पास रहोगे तथा पाताल लोक का सामना जो तुम्हें प्रदान करता है. इस प्रकार विष्णु ने पृथ्वी का पूरा साम्राज्य अपने हाथ में ले लिया यह देखकर श्रीदेवी लक्ष्मी ने विचार किया कि देवता शक्तिहीन अवश्य हो गए हैं लेकिन उनमें बुद्धि और ज्ञान अवश्य है .इसलिए उन्होंने संकट के समय विष्णु को याद किया और उनकी कृपा प्राप्ति देवताओं के पास लौट कर उन्हें सांसारिक समृद्धि शारीरिक बल और सौभाग्य प्रदान किया. यह देखकर असुर नाराज हो गए और उन्होंने कहा कि श्रीदेवी तो चंचला है पहले वह बलि का पक्ष लेती थी अब वह इंद्र का पक्ष ले रही है. यह लक्ष्मी देवी तो एक स्थान पर टिकी नहीं रहती है .किसी के प्रति पूर्ण रुप से वफादार नहीं हो सकती .लक्ष्मी ने यह सुनकर कहा कि यह सत्य नहीं है मैं सदैव एक जैसी रहती हूं और उनके पक्ष में ही रहती हूं जो कि मेरे दिए हुए वर का अपमान नहीं करते .और नियमों का पालन करते हुए धन की रक्षा करते हैं तथा समृद्धि में भी घमंड से परे रहते हैं .इस प्रकार विष्णु ने पूरी धरती को विजित कर इंद्र को पुनः राजा बना दिया. यह देखकर लक्ष्मी ने कहा कि क्या आप सृष्टि के राजा नहीं बनना चाहते सृष्टि का भ्रमण का आनंद नहीं लेना चाहते हैं .भगवान विष्णु ने कहा कि मैं इच्छा रहित हूं असुरों को पराजित कर मैंने अपना कर्तव्य निभाया मैं इस संबंध में किसी प्रकार की लालसा नहीं रखता. इस पर लक्ष्मी ने कहा कि जो धरती की देवी देवी का ध्यान रखेगा और उसकी पूजा करेगा उसे श्रीदेवी अर्थात सौभाग्य की अधिष्ठात्री देवी लक्ष्मी सदैव उनके साथ रहेगी ..

 

  हेमा पांडे

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