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गणित की महिमा-प्रिंसस्प्तिवारी

                   गणित की महिमा 

गणित विषय है सबसे प्यारा, गणित से रोशन ये जग सारा।।
संगीत में है गणित, गणित विचार शक्ति में।
छन्द अलंकार और गणित तर्क शक्ति में।।
गणित आय-व्यय और गणित अर्थशास्त्र में।
भौतिक- रसायन में गणित, और गणित पाकशास्त्र में।।
समझ – समझ कर बढ़ते जाओ, यही एक है गणित का नारा।
गणित विषय है सबसे प्यारा, गणित से रोशन ये जग सारा।।

अनुपातों का योग हुआ तो , मिश्रण एक तैयार हुआ I
प्रयोग हुआ जब इस मिश्रण का , तो पोखरण मे बिस्फोट हुआ II
सूर्य चन्द्रमा प्रृथ्वी तारे, गणना करके चलते सारे।
जब भारत ने खोजा जीरो, भारत बन गया विश्व का हीरो।।
नम्बर सिस्टम बना दिया, ये जीरो तो है सबसे न्यारा।
गणित विषय है सबसे प्यारा, गणित से रोशन ये जग सारा।।

इधर जोड़- जोड़ के बनो करोड़पति, उधर आ गई ट्रिगोनोमेट्री।
कोण का मान पता चलते ही, एवरेस्ट की दिख गयी चोटी।।
अब अगली शाखा बीजगणित की, सब कुछ माना एक्स हो गई।
एक्स के मान की गणना की तो, पूरी दुनिया गोल हो गयी।।
चमक उठी तब सारी दुनिया, बह निकली जब विद्युत धारा।
गणित विषय है सबसे प्यारा, गणित से रोशन ये जग सारा।।

अक्षों वाली ज्योमेंट्री में, ग्राफ बना के जब ये देखा।
सब कुछ तो आसान हो गया, बिन्दु – बिन्दु से खीची रेखा।।
रेखाएं जब हुई समान्तर , तब उन पर भी दौड़ी रेल।
समय का अंतर देख-देख के, बैलगाड़ी हो गई फेल।।
कोना-कोना जोड़ के देखा, एक हो गया देश हमारा।
गणित विषय है सबसे प्यारा, गणित से रोशन ये जग सारा।।

उड़ान भरी जब गणित ने अपनी, तो मीलों दूरी ढेर हो गयी I
वैदिक गणित जब प्रयोग मे आयी, सब की गणना फास्ट हो गयी II
सांख्यिकी में आँकड़ो को लेकर, औसत की गणना कर डाली।
सम्भावनाओं की प्रायिकता में, गणित की हो गयी अमर कहानी।।
इसी लिये कहते हैं यारो , करना ना गणित से किनारा।
गणित विषय है सबसे प्यारा, गणित से रोशन ये जग सारा।

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