हम फिर से मरने की दुआ करते हैं – नेहा श्रीवास्तव

हम फिर से मरने की दुआ करते हैं – नेहा श्रीवास्तव

यादाश्त का अच्छा होना इतना भी अच्छा नही,

साहित्य लाइव रंगमंच 2018 :: राष्ट्रीय स्तर पर हिंदी प्रतियोगिता • पहला पुरस्कार: 5100 रुपए राशि • दूसरा पुरस्कार: 2100 रुपए राशि • तीसरा पुरस्कार: 1100 रुपए राशि & अगले सात प्रतिभागियों को 501/- रुपये प्रति व्यक्ति

कभी कभी कुछ बातों को भूलाने की भी दुआ करते हैं.

जिन्दगी दर्द मे गुजरी है मेरी ,

हम मुस्कुराने की दुआ करते हैं.

खुली किताब सी हो गयी है जिन्दगी,

कुछ बातों को छुपाने की दुआ करते हैं.

यूँ एक बार बिखरने मे मज़ा नही,

तुम्हारे हाथों फिर से लूट जाने की दुआ करते हैं.

कातिल हसीन हो तुमसा तो जिन्दगी की क्या कीमत ,

खंजर हाथ मे रखना तुम हम फिर से मरने की दुआ करते हैं .

Neha srivastavaनेहा श्रीवास्तव
उत्तर प्रदेश(बलिया)

हम फिर से मरने की दुआ करते हैं – नेहा श्रीवास्तव
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साहित्य लाइव रंगमंच 2018 :: राष्ट्रीय स्तर पर हिंदी प्रतियोगिता • पहला पुरस्कार: 5100 रुपए राशि • दूसरा पुरस्कार: 2100 रुपए राशि • तीसरा पुरस्कार: 1100 रुपए राशि & अगले सात प्रतिभागियों को 501/- रुपये प्रति व्यक्ति

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