हौसलों की उड़ान-स्वाती सिंह

हौसलों की उड़ान-स्वाती सिंह

मुट्ठी में आसनान भर लो,
हौसलों की उड़ान भर लो.

मुश्किलों में घबराना कैसा ?
थक हार कर बैठ जाना कैसा ?

आए इस जहान में हम जब,
मुश्किलें और परेशानियाँ साथ लाए हम.

आँख मुंद एहसास यह कर लो,
सब कुछ हो सकता है इस जहान में,
अगर मन में विश्वास यह कर लो.

मुट्ठी में आसनान भर लो,

हौसलों की उड़ान भर लो.

 

Swati Singh            स्वाती सिंह
  जोहान्सबर्ग, दक्षिण ,अफ्रीका

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