हिन्दी वासी हैं हम – मुनमुन सिंह

हिन्दी वासी हैं हम – मुनमुन सिंह

हिन्दी वासी हैं हम
हिन्दी है हमारी
हम सब को लगती है बड़ी प्यारी।
हिन्दी की कहानी बड़ी लगती है दिलचस्प।
हिन्दी में कविता भी लगती है बड़ी मस्त।
हिन्दी वासी हैं हम
हिन्दी का काम है आदिकाल।
हिन्दी भाषा का काम है शिशुकाल।
हिन्दी वासी हैं हम
संसद में भी होता है इसका प्रयोग।
राज्य में भी होता है इसका उपयोग।
अक्सर देशों में है इसका प्रकोप।
हिन्दी वासी हैं हम
हिन्दी है हमारी
हम सब को लगती है बड़ी प्यारी।

–मुनमुन सिंह

Ravi Kumar

मैं रवि कुमार गुरुग्राम हरियाणा का निवासी हूँ | मैं श्रंगार रस का कवि हूँ | मैं साहित्य लाइव में संपादक के रूप में कार्य कर रहा हूँ |

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