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हम किधर जाएंगे-अभिराज राजपूत

जमाने की ठोकर सहेगें खुश होकर,
अकेले में रो कर उबर जाएंगे।
संभालो हमें हम चले जा रहे हैं,
तुम्हें जो न पाया तो मर जाएंगे।

तुम्हारे सफर में नजर के बसर में,
बुला लो हमें हम चले आएंगें।
समंदर की कश्ती का तुम हो सितारा,
जिधर तुम दिखे हम उधर जाएंगे।
मैं जानता हूं मुझे पानी मंजिल,
तुम्हारे बिना अब न चल पाएंगे ।

दुनिया की महफिल सितारों की झिलमिल,
इन्हें छोड़कर दर तेरे आएंगे।
तुम्हारी नजर के नजारों में पागल,
तुम्हारे लिए कुछ भी कर जाएंगे।
यह बेकरारी है अनकही सी,
बेआबरू हो किधर जाएंगे।
मेरे समंदर की तुम हो लहर,
इस लहर के बिना हम ठहरे जाएंगे।

मेरा खुदा हो मेरी बंदगी हो,
पहली खुशी हो मेरी जिंदगी हो।
तुम्हारे बिना हम बिखर जाएंगे।
अब जो गए तो न फिर आएंगे।
हम खो गए तो ना आवाज देना,
आवाज़ दोगें न सुन पाएंगे।
:- ‌Abhiraj Rajput

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