इश्क़ है क्या?? – नवीन

इश्क़ है क्या?? – नवीन

इश्क है क्या?
इश्क समंदर की लहरें, हिलकोरें और गहराई सी है,
जिसमे पार किये तो कामयाबी, डूब गये तो बेवफ़ाई भी है।
इश्क हवा की चाल, आंधी और तूफ़ान की रफ़्तार सी है,
जिसमे चल पड़े तो मिलन, रूक गये तो जुदाई भी है।
इश्क आकर्षण, खुबशुरत और नाजुक फूल सी है,
जिसके नजदीक जाओ तो जन्नत, दूर जाओ तो तन्हाई भी है।
इश्क आस्था, पूजा और भगवान सी है,
जिसे महसुस करो तो हक़ीकत, खुली आँखों से देखो तो परछाई भी है।
इश्क कागज, पेंसील और किताब सी है,
जिसे पढ़ों तो लगे अपनी प्रेम कहानी, ना पढ़ों तो पराई भी है।

Naveenनवीन
(मुंबई)

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