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जल सम्भालो कल सँवारो – आराधना सिंह

दोस्तो हम आपके सामने आज जल से सम्बन्धित एक लघु रचना पेश कर रहे हैं,मेरी लघु रचना से ही जल का क्या महत्व हैं हमें आशा है आप लोग समझ जायेंगे। विस्तृत नही लेकर जा रही हूँ क्योंकि ज्यादा विस्तृत होने से कुछ लोग उबाऊँ हो जाते हैं।
मित्रो यह सभी कहते हैं की जल ही जीवन है, लेकिन जल को नष्ट करने वाले यह क्यों नही सोच रहें हैं की वो आज जल को नही बल्कि अपनी आगामी जीवन को नष्ट कर रहें हैं,अतः हमारी आप लोगो से यही विनती है की आगामी जीवन चाहते है तो जल को सम्भाल के उपयोग करे बेफिजूल नष्ट न करे।
जल ही कल हैं, तो जो जल को बेफिजूल बरबाद कर रहें है वो कल की कल्पना कैसे कर सकते हैं। जल को बचाओगे तभी कल को पाओगे।
जल ही भविष्य है अतः जल को सम्भालें क्योंकि आपको भविष्य का अभी सामना करना है।
आप विरासत में अपने परिवार के लिए धन दौलत सोना चाँदी मत छोड. के जाइए अपितु कुछ छोड़ना है तो उनके लिए अपने द्वारा बचाया गया जल छोड कर जाइए, क्योंकि यदि जल न रहा तो बाकि का आपके द्वारा छोडा़ गया दौलत भी किसी काम में नही आयेगा।
मित्रो जल का होना हमारे लिए कितना आवश्यक हैं यह आप सभी जानते हैं, क्योंकि जल से मात्र हम अपनी तृष्णा नही मिटाते बल्कि जो हम भोजन करते है उसे पकाने में भी जल का महत्वपुण योगदान है।
जल को पीने से हमारे अन्दर की कई बिमारियाँ दूर हो जाती है, जबकि जल के अभाव में हमें तमाम बिमारियाँ घेर लेती है और लगातार कई दिनो तक हमारे शरीर में अगर जल न जाए तो हमारी मृत्यु भी हो जाती है।

दोस्तो न सोना बहुमुल्य है न हीरा बहुमुल्य है,
एक प्यासे से पूछो की पानी का क्या मुल्य है,
घुम लो देख लो परख लो हर चीज को,
संसार में नही कोई पानी का तुल्य है।

दोस्तो जब कुदरत ने हमें इस धरा पर प्रत्येक वस्तु से ज्यादा हमारे जीवन के लिए जल दिया है तो हमें प्रकृति द्वारा दिए गये इस अनमोल भेंट को कभी नही नष्ट करना चाहिए हमेशा इसको सम्भाले रखना चाहिए।

दोस्तो जल मोहताज नही किसी सम्मान की
उसे तो ख्वाहिश है बस अपने बचाव की
क्या मिटाएगा कोई उसके अस्तित्व को
मिट जाएगा वो खुद जिन्होने इसका अपमान की।

आराधना सिंह
गुजरात सुरत

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Ravi Kumar

Ravi Kumar

मैं रवि कुमार गुरुग्राम हरियाणा का निवासी हूँ | मैं श्रंगार रस का कवि हूँ | मैं साहित्य लाइव में संपादक के रूप में कार्य कर रहा हूँ |

6 thoughts on “जल सम्भालो कल सँवारो – आराधना सिंह”

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