जाने कैसे : Rajan Kumar Ram

जाने कैसे : Rajan Kumar Ram

न जाने  तुम
कैसे पढ़ लेते हो
उस अदृश्य किताब को
जिसे  छिपाकर  रखता हूँ  मैं
अपने अन्तरमन में

उस किताब के
सब पन्नों को
छोटी – बड़ी सभी पंक्तियों को
और
उसी करूणा भाव से
जिस भाव में  डूबकर
लिखा है  मैंने
उन सभी पंक्तियों  को

इससे पहले
न तो
कोई जानता था उसे
और न ही
किसी  को  उसकी भनक लगी

Rajan Kumar Ram

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