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जिन्दगी की पहेली बड़ी उलझी सी है – सचिन ओम गुप्ता

जिंदगी की पहेली बड़ी उलझी सी है,
सोचता हूँ…
सुबह उठूँ ,मस्ती करूँ
नदियाँ और झरने देखूँ
कुछ मन की उलझनों को पन्नों पर लिख सकूँ,
इस खुलें आसमान को छू सकूँ
इस दुनिया की खूबसूरती को महसूस कर सकूँ
नई ऊँचाइयों की डगर को छू सकूँ,
कुछ सपनें बुनूँ और उन्हें जी सकूँ
पर जीवन की उलझनों के आगे किसकी चलती है,
जिंदगी की पहेली बड़ी उलझी सी है |
जिंदगी की पहेली बड़ी उलझी सी है |
धन्यवाद् …

Sachin Om Guptaसचिन ओम गुप्ता,
चित्रकूट धाम

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Sachin Om Gupta

Sachin Om Gupta

मैं सचिन ओम गुप्ता चित्रकूट धाम उत्तर प्रदेश का निवासी हूँ। मैं श्रृंगार रस का कवि हूँ।

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