Notification

अपने लेख प्रकाशित करने के लिए यहाँ क्लिक करें!

जिंदगी – कृष्ण सैनी

जिंदगी”कुछ पल की है ये जिंदगी
कब गुजर जाये कुछ पता ही नही
कुछ गलतियाँ भी करो, करो कुछ सही
जियो इसको ऐसे कि यादगार बन जाये
जियो इसको ऐसे कि लाजवाब बन जाये
शायद फिर ना मिले ये जिंदगी
कुछ पल की है ये जिंदगी
कब गुजर जाये कुछ पता ही नही
कुछ नासमझीयाँ भी करो ,पर समझो हर घड़ी
करो कुछ ऐसा काम कि शानदार बन जाये
करो कुछ नाम कि तेरा भी एक इतिहास बन जाये
शायद फिर से मौका ना दे ये जिंदगी
कुछ पल की है ये जिंदगी
कब गुजर जाये कुछ पता ही नही
दिल की भी बात सुनों,मन की ही हरदम नही
जिंदगी जियो गीत की तरह कि एक साज बन जाये
और इस जहाँ मे आने वाला हर कोई इसे दोहराये
शायद फिर ना मिले ये जिंदगी
बस कुछ पल की है ये जिंदगी
कब गुजर जाये कुछ पता ही नही

Krishan Sainiकृष्ण सैनी
हिसार, (हरियाणा)

83 views

Share on

Share on whatsapp
WhatsApp
Share on facebook
Facebook
Share on twitter
Twitter
Share on linkedin
LinkedIn
Share on email
Email
Share on print
Print
Share on skype
Skype
Ravi Kumar

Ravi Kumar

मैं रवि कुमार गुरुग्राम हरियाणा का निवासी हूँ | मैं श्रंगार रस का कवि हूँ | मैं साहित्य लाइव में संपादक के रूप में कार्य कर रहा हूँ |

2 thoughts on “जिंदगी – कृष्ण सैनी”

Leave a Reply

ग़ज़ल – ए – गुमनाम-डॉ.सचितानंद-चौधरी

ग़ज़ल-21 मेरी ग़ज़लों की साज़ हो , नाज़ हो तुम मेरी साँस हो तुम , मेरी आवाज़ हो तुम मेरे वक़्त के आइने में ज़रा

Read More »

बड़ो का आशीर्वाद बना रहे-मानस-शर्मा

मैंने अपने बड़े लोगो का सम्मान करते हुए, हमेशा आशीर्वाद के लिए अपना सिर झुकाया है। इस लिए मुझे लोगो की शक्ल तो धुँधली ही

Read More »

Join Us on WhatsApp