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Jindgi ki udan abhi baki hai-राज म्यूजिक

जिन्दगी की आसली उड़ान अभी बाकी हैं ।।
तुमने मेरे पंख ही काटे है ,अभी तो मुझमें जान बाकी हैं
जिन्दगी की आसली उड़ान अभी बाकी हैं
मै वो सुखी पत्तियां नही जो टूट कर गिर जाऊं ,
मैं पेड़ की वो शाख हूं जिसमे अभी जान बाकी हैं
जिन्दगी की आस्ली उड़ान अभी बाकी है।
मै वो नदी नहीं, जो बारिश की मौसम में तूफान लाऊ ,
मै तो वो समुंदर हूं जिसमें अभी उफान बाकी है
जिन्दगी की आसली उड़ान अभी बाकी हैं।
ठंडी हवाओं से सीखी है ,मैने सफ़र करने की तरकीब
में बारिश की बूंद नहीं ,जो पल भर में ठहर जाऊ
मै वो हवां का झोखा हूं, जो तूफान ला दू
पर्वतों से चट्टान तोड कर ला दू ।
मै खूले आसमानों में उड़ जाऊंगा
मुझे गिरने वालो, तुमने मेरे पंख ही काटे है
अभी मुझमें जान बाकी है,
जिंदगी की असली उड़ान अभी बाकी हैं।।
मै वो दरिया हूं ,जो पहाड़ों से भी गिर कर भी अपना अस्तित्व नहीं खोता हूं ।
मै वो बूंद हूं जिसमे उफ्फन अभी बाकी हैं
जिन्दगी की असली उड़ान अभी बाकी हैं ।।
निली आकश में कोहरा बन जाऊगा
मुझे परखने वालो के सामने आंधेरा बन जाऊगा
दिल के प्यार को लुटा दूगा ,खुले आसमानों मैं
सातरंग बन कर निखर जाऊगा में इस जमाने में
कभी रूबरू करवाऊ गा मै ,तुम्हे भी उन चट्टानों से
मोड़ दे जाती है ,जो नीर की धारा को
हरि जमीन से सूखे में मैदानों में,
लहर बन कर अपनी गूंज सभी को सुनाऊं गा
मुझमें ताकत कितनी है अपनी लहरों से दिखाऊं गा
और मुझे नदी की एक मोड़ समझने वालों
एक बार मुझमें तुम डूब कर देखो
में तुम्हे भी अपनी गहराई दिखाऊंगा।।

Written bye -Ajay Kumar Gupta
Branch- Electrical & Electronics engineering
Board roll no- 18902070004
Government polytechnic sahibganj

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