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जमाना-माला-चौधरी

समझा ही नही कुछ ये जालिम जमाना
😢
क्या है सच ओर क्या है फसाना
😢
सोचते हैं लोग कि मुस्कुराते रहते हैं हम
😔
तो खुश है बहुत
😢
ये समझा ही नहीं क्या होता है हंसते लबों के पीछे आंसू छुपाना
😔

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Mala-Choudhary

Mala-Choudhary

मै माला चोधरी जिला मुजफफरनगर की निवासी हू।मै कविता लेखन के अतयधिक निकट हू।

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