कलयुगी असुर- शोभा सृष्टि

कलयुगी असुर- शोभा सृष्टि

स्वर्ग से पावन पृथ्वीलोक पर कलियुगी असुरों की संख्या भारी है।
कन्याहत्या, दहेज, उत्पीड़न दुराचार जारी है।
असुरों की हिम्मत बढ़ी और मानव की लाचारी है।
बेबस और लाचार मानवता असुरवृति से हारी है।
स्वर्ग से पावन पृथ्वी लोक पर कलयुगी असुरों की संख्या भारी है।
झूठ, फरेब और हिंसा की फैल रही महामारी है।
बढ़ रहे दुष्कृत्यों से मलीन हुई पृथ्वी सारी है।
देख धरा की यह दशा, हृदय पर घाव हुए भयंकरकारी है।
असुरों से माँ को मुक्त कराना हर मानव की जिम्मेदारी है।
स्वर्ग से पावन पृथ्वी लोक पर कलयुगी असुरों की संख्या भारी है।

 

          शोभा सृष्टि
      करौली, राजस्थान

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