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ख़ामोशी सपनों की-अंशु-कुमत

इंतज़ार के उन पलों में यादें तो रहीं
बेज़ुबाँ की आँखों में ख़ामोशी रहीं
सपने में थी वो कितनी सारी हलचल
सपनों की ख़ामोशी दर सालों रहीं

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