Notification

अपने लेख प्रकाशित करने के लिए यहाँ क्लिक करें!

ख़ामोशी – सचिन ओम गुप्ता

सुनो…तुम यूँ चुप से न रहा करो,
यूँ खामोश से जो हो जाते हो,
तो दिल को वहम सा हो जाता है,
कहीं खफा तो नही हो..?
कहीं उदास तो नही हो…?
तुम बोलते अच्छे लगते हो,
तुम लड़ते अच्छे लगते हो,
कभी शरारत से, कभी गुस्से से,
तुम हँसते अच्छे लगते हो,
सुनो…तुम यूँ चुप से ना रहा करो।
सुनो…तुम यूँ चुप से ना रहा करो।

Sachin Om Guptaसचिन ओम गुप्ता
चित्रकूटधाम

 (उत्तर प्रदेश)

82 views

Share on

Share on whatsapp
WhatsApp
Share on facebook
Facebook
Share on twitter
Twitter
Share on linkedin
LinkedIn
Share on email
Email
Share on print
Print
Share on skype
Skype
Sachin Om Gupta

Sachin Om Gupta

मैं सचिन ओम गुप्ता चित्रकूट धाम उत्तर प्रदेश का निवासी हूँ। मैं श्रृंगार रस का कवि हूँ।

2 thoughts on “ख़ामोशी – सचिन ओम गुप्ता”

  1. 962281 901797Hello! I could have sworn Ive been to this internet site before but following browsing by means of some with the post I realized its new to me. Nonetheless, Im certainly pleased I found it and Ill be book-marking and checking back regularly! 338561

Leave a Reply

जागो और अपने आप को पहचानो-प्रिंस स्प्तिवारी

मैंने सुना है कि एक आदमी ने एक बहुत सुंदर बगीचा लगाया। लेकिन एक अड़चन शुरू हो गई। कोई रात में आकर बगीचे के वृक्ष

Read More »

Join Us on WhatsApp