ख्याल – डैनी

ख्याल – डैनी

आज फिर से वो ख्याल आया
क्यो नही है मेरे पास..
आखिर ख्ता थी क्या मेरी
फिर से ये सवाल आया..
आंखे नम हो जाती है
सोच कर ये…
क्यो मै कुछ कर नहीं पाया..
आज भी उम्मीदों से..
छिप कर देखता देखता हूं
उसको की शायद पीछे मूड
कर देखती हो ..
शायद रहा तक रही हो..
मगर देखता हूं जब उसकी
आंखो मे प्यार किसी ओर के लिए
पल भर के लिए मज़बूर हो जाता
हूं ये सोचने के लिए कि..
मैंने उस बेवफा से दिल क्यो लगाया..
मैं उसको क्यों समझा नहीं पाया..
आज फिर से वो ख्याल आता..
आज फिर से वो सवाल आया..

 

 

             डैनी

मुज़फ़्फरनगा , उत्तर प्रदेश

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