कीमत – शिव प्रताप पाल

कीमत – शिव प्रताप पाल

मन करता है गीत लिखूं मैं, शब्द नहीं है पास
मन करता है गीत लिखूं मैं, स्वर नहीं देते साथ
मन करता है गीत सुनाऊं, कंठ नहीं है साफ़

मन को मार नहीं मै सकता मैं, फिर क्या करूँ मैं आज
ऐसी दुविधा आन पड़ी, कुछ नहीं सूझे है आज
कंठ स्वर और शब्द की कीमत, मैंने समझा आज

शिव प्रताप पाल
इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश

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