किसी चीज़ का मोल – कृष्णा

किसी चीज़ का मोल – कृष्णा

किसी चीज का मोल तब पता चलता है,
जब वो टूट जाती है,
अपनो का जब पता चलता है ,
जब वो दूर हो जाते है,
दर्द का पता चोट लगाने से होता है,
दिल का पता धडकन से होता है,
मोहब्बत का पता कुबार्नी से होता है,
माँ मे कितनी ममता, कितना प्यार, कितनी
सहनशीलता किसी को नही पता होती है।

कृष्णा
गुडगाँव, हरियाणा

Ravi Kumar

मैं रवि कुमार गुरुग्राम हरियाणा का निवासी हूँ | मैं श्रंगार रस का कवि हूँ | मैं साहित्य लाइव में संपादक के रूप में कार्य कर रहा हूँ |

Visit My Website
View All Articles

I agree to Privacy Policy of Sahity Live & Request to add my profile on Sahity Live.

0

Leave a Reply

Create Account



Log In Your Account



×
नमस्कार जी!
बताइए हम आपकी क्या मदद कर सकते हैं...