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कुछ तो है- वर्षा

हवा का यूं बहना,
मेरे कान में आके कुछ कहना,
बादलो से पानी छलकना,
और फिर बारिश का आना,
कुछ तो है… बाकी अभी,
हवा का यूं बहना,
मुझे अन्दर तक झंझोर देना,
मानो उसको है मुझसे कुछ कहना,
और मुझे उससे है कुछ सुनना,
कुछ तो है… बाकी अभी,
हवा का यूं बहना,
पुरानी यादें ताज़ा कर देना,
अपनी मनमानियां करना,
और फिर किसी की डांट  सुनना,
कुछ तो है…बाकी अभी भी
दोस्तो से लड़ना,
मम्मी को बताना,
किसी से पिटना तो,
किसी को पीटना,
कुछ तो है… बाकी अभी,
दोस्तो से लड़ना,
फिर भी उन्हीं का साथ देना,
अपनी यारियां निभाना, और
उन्हें अपना बनाना,
कुछ तो है… बाकी अभी भी…

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