मै फिर से बच्चा होना चाहता हुं – रवि कान्त अगृवाल

मै फिर से बच्चा होना चाहता हुं – रवि कान्त अगृवाल

एक बार फिर से सिमट कर मां की गोद मे सोना चाहता हुं
अपने आप को मां की बाहों मे खोना चाहता हुं
थक गया हुं लोगो के बदलते चेहरे देखकर
इसलिये
एक बार फिर से बच्चा होना चाहता हुं ।।।

थक गया हुं भाग भाग कर, रातो मे जाग जाग कर
एक बार बिना चिन्ता के हसीन पलो को बोना चाहता हुं
जिन्दगी से ठोकर खाकर टूट गया हुं मैं
मां के आंचल मे जी भर के रोना चाहता हूं
मैं
एक बार फिर से बच्चा होना चाहता हुं

रवि कान्त अगृवाल
( पुणे )

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