माँ-माधव कुमार सदा

माँ-माधव कुमार सदा

सोच काफिर है समझ का फेर है
बात अनेक है पेज एक है
भागना सभी को है सोना सभी को है
रोना सभी को है हंसना सभी को है
खोना सभी को है पाना सभी को है
क्यों चिंतित हो तुम अपने मन से
बात कभी तुम कर लो अपने आप से
दुनिया तुमको देख रही है तुम है सबसे पीछे
आगे वाले खूब रोते हैं पीछे पीछे पलट के
हंसते हैं दुनिया में दर्शक
क्या बीतता होगा अभिनय निभाने वाले को

 

   माधव कुमार सदा
     मधुबनी, बिहार

0

Leave a Reply

Create Account



Log In Your Account