मन की बातें-दिव्यानि पाठक

मन की बातें-दिव्यानि पाठक

मन की बातें मन मैं घर कर गईं ।
आया वक्त का कहर ऐसा की ,
बीना बाँध की नहर सी बह गईं।

 

 

दिव्यानि पाठक

सीहोर, मध्य परदेश

Divyani Pathak

मैं दिव्यानि पाठक भोपाल मध्यप्रदेश की निवासी हूँ। मैं वीर रस और श्रृंगार की कवित्री हूँ।

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