मंजिल तक पहुँचने का विकल्प ढूंढना होगा-शोभा-सृष्टि

मंजिल तक पहुँचने का विकल्प ढूंढना होगा-शोभा-सृष्टि

मेहनत कभी बेकार नहीं जाती अगर दिल से की जाए ,हो सकता है। आप जिस मुकाम तक पहुंचना चाहते हैं वहां पहुंचने के रास्ते अलग अलग हो सकते हैंअगर आपको संतुष्टि वहाँ पहुंच कर मिलती है, तो उसके लिए रास्ता तलाश करना होगा। खुद पर और ईश्वर पर विश्वास करना होगा जिसने आपके अंदर उस चीज के लिए जुनून पैदा किया है।आपका संघर्ष आपको बेहतर जीत दिलाएगा, इसमें कोई संशय नहीं है। आपको मिलने का तरीका अलग अलग हो सकता है।आपकी काबिलियत आपको कामयाबी अवश्य दिलाएगी ।इसके लिए पहले काबिल बनने के लिए धैर्यपूर्वक प्रयत्न करना होगा फिर उसका परिणाम निश्चित सकारात्मक देखने को मिलेगा। 😃😃😄😋😍 थक कर बैठने से अच्छा है चलने का तरीका बदलना——————- अगर आप एक ही तरह चलते-चलतेे मंजिल तक नहीं पहुंच पा रहे है,तो अपनी सोच का दायरा विस्तृत कीजिये। कैसे विपरीत परिस्थितियों में आप मंजिल के करीब हो सकते हैं इसके लिए विकल्प तलाश करना होगा।आपके अंदर का जुनून आपको बैठने नहीं देगा, इसलिए आप केवल कुछ विश्राम कर सकते हैंबेहतर तरीके से विकल्पों पर विचार करने के लिए। अंतरात्मा की आवाज सुनिए————–अगर इस दुनिया में सच्चे मित्र की तलाश की जाए तोअंतर आत्मा से श्रेष्ठ मित्र मिलना असंभव हैअंतरात्मा वह मित्र है जो हर परिस्थिति में आपकी परछाई बनकर चलता है आपको कभी अकेला नहीं छोड़ता,बशर्ते अगर आप इसे अपना माने और इसकी सच्ची पुकार को सुनने।यह एक श्रेष्ठ सलाहकार है।अगर आपका अन्तर्मन आपको ईमानदारी से किसी कार्य के लिए प्रेरित कर रहा है, तो रुकिए मत ।क्योंकि आपकी असली खुशी इसी में है। लोगों के दबाव में इसकी सच्ची पुकार को मत दबाइए। क्योंकि लोग आपका साथ शायदछोड भी दें,लेकिन यह आपके साथ हर वक्त होगा हर सफर में। हार मत देर से ही सही निकलेगा हल। अगर रहा तू जागता हर पल। चलते चलते जब थकने लगे कदम। सोच कुछ समय बाद मीठा मिलेगा फल।

शोभा सृष्टि
 करौली, राजस्थान

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